Sunday, March 27, 2016

Hasya Vyangya aur main.....: meeting with mr. mahesh sharma

                      विजय कुमार बनें मिस्टर दिल्ली 

नॉएडा शहर के सेक्टर 93निवासी एवं यहीं पर   अपना जिम चलाने वाले श्री विजय कुमार ने शहर का नाम रोशन करते हुए दिल्ली में वर्ल्ड बॉडीबिल्डिंग फेडरेशन और दिल्ली बॉडीबिल्डिंग फेडरेशन द्वारा आयोजित कम्पटीशन में गोल्ड मैडल जीता ,इसी के साथ ही उन्हें मिस्टर दिल्ली घोषित कर सम्मानित किआ गया , ग्राम केहावि पोस्ट सरधना के मूल निवासी कुमार २० सालों से बॉडीबिल्डिंग की तयारी में लगे हुए थे , इसके पहले भी वो मिस्टर इंडिया में ब्रोंज मैडल जीत चुके हैं , 16  वर्ष की आयु में दिल्ली आगये कुमार कुछ अलग करने की ठानी और बॉडीबिल्डिंग में ही अपना करियर बन  लिया !

आज वो सेक्टर 93 नॉएडा में ही 'हेल्थ क्लब ' नाम से जिम चला रहे हैं ,कालांतर में वो मिस्टर एशिया खिताब में भी हिस्सा ले चुके हैं पर वहां वह मैडल नहीं जीत पाये, जिसका कारण वो पैसे की कमी को बताते हैं , पर अब उन्हें घरवालों का समर्थन भी है और पैसे की कमी भी नहीं , यह सिर्फ उनकी मेहनत और जूनून के कारण संभव हुआ है , विजय कुमार बताते हैं की  अब वह अपने पैतृक मेरठ से भी ऐसी प्रतिभाओं को कोचिंग देकर आगे बढ़ाना चाहते हैं जिनके पास पैसे की कमी हो पर टैलेंट की भरमार हो !!! 

meeting with mr. mahesh sharma

                  जल संचयन पर मंत्री से मिले युवा सामजिक कार्यकर्ता 

नॉएडा के युवा समाजिक कार्यकर्ताओं का एक दल आज केंद्रीय मंत्री श्री महेश शर्मा जी से मिला , यहाँ उन्होंने  शहर में जल संचयन एवं जल बर्बादी से जुड़े मुद्दों को उठाया और मंत्री जी को एवं मंत्रीजी के हवाले से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें जल संचयन की आवश्यकता एवं उनके द्वारा 'मन की बात' कार्यक्रम में इस ज़रूरी बात को उठने  की अपील भी की गई , इस मौके पर दल  के प्रतिनिधि रंजन तोमर ने यह जानकारी दी के उन्होंने नॉएडा अथॉरिटी में कई आर टी आई लगाई जिनसे यह ही नतीजा प्राप्त हुआ के नॉएडा प्राधिकरण की कोई जल संचयन नीति नहीं है, हर दिन हज़ारों लीटर पानी खुली टूंटियों  से बह जाता है , और नॉएडा जैसे मॉडर्न शहर को यह शोभा नहीं देता , जब एक शहर में यह हाल हैं तो पुरे देश में कितने लाखों गैलन जल प्रतिदिन बर्बाद कर दिया जाता होगा ,इसका अंदाजा ही लगाया जा सकता है , इस दौरान आई ए एस की तयारी  कर रहे नॉएडा निवासी अंकित अग्गरवाल एवं कंचन लोहिया ने जल संचयन की आवश्यकता एवं उसे प्राथमिकता देने की बात पर ज़ोर देते हुए कहा के प्रधानमंत्री युवाओं की इस आशा को ज़रूर मद्दे नज़र रखेंगे , दल के ही वरिष्ट सामाजिक कार्यकर्ता अजय चौहान ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात मंत्रीजी को बताई , इस दौरान युवाओं ने बिजली विभाग में नौकरी करने वाले और उस दौरान करंट लगने से अपने पाँव गंवाने वाले चमन सिंह की टांगो का इलाज करवाने सम्बन्धी एक ज्ञापन भी मंत्रीजी को दिया , श्री शर्मा ने आश्वासन दिया के वह इस बारे में पूर्ण विचार करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर युवा दल को बातचीत के लिए आमंत्रित भी करेंगे , युवाओं ने मंत्रीजी को श्री अजीत सिंह तोमर बजरंगी जी द्वारा लिखित दो पुस्तकें भी भेंट की ! 




Monday, March 21, 2016

               

                      विश्व जल संचयन दिवस पर विशेष   

                नॉएडा अथॉरिटी की नहीं है कोई जल संचयन नीति 

२२ मार्च को विश्व जल संचयन दिवस है , देश के सबसे अग्रज शहरों में से एक होने के नाते नॉएडा में जल संचयन परविशेष  ज़ोर होना चाहिए ,किन्तु ग्राम सभा और पंचायत समाप्त करने के  बावजूद और शेहेर को  भी संचालित करने के बाद भी नॉएडा ऑर्थोरिटी ने कोई भी ऐसी नीति नहीं बनाई है ,  यह खुलासा हुआ है आर टी आई कार्यकर्ता  और दिल्ली हाई कोर्ट  के अधिवक्ता रंजन तोमर ने किआ है , उनकी  आर टी आई का जवाब देते हुए नॉएडा के परियोजना अभियंता जल खंड ,वाटर वर्क्स कंपाउंड ,बाह्य संस्था जल आदि विभागों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया के यह पालिसी प्राधिकरण के नियोजन विभाग ने तैयार की थी तथा वह ही इसका जवाब दे सकते हैं , जबकि नियोजन विभाग का जवाब था के यह सूचना जल विभाग से संभंधित है , जिससे यह साफ़ पता चलता है के प्राधिकरण जल संचयन के मामले में कितना गंभीर है और किस प्रकार पृथ्वी को बचाने की कोशिशों में कितना अग्रणी है , समय आगया है के प्राधिकरण एक जल संचयन नीति बनाये और दिन भर में हज़ारो लाखों लीटर जल जो की बिना टूंटी लगे पाइपों से ,भूजल के बेजा इस्तेमाल से , खाली पड़े प्लॉटों में कनेक्शन लेकर पानी खुला छोड़ देने से, और ग्रामीण क्षेत्रों में जल के महत्व की जानकारी न होने से बह जाता है, उसे बचाने में अपना योगदान दे ! 

                                                                                                                                                                            


   

                     


        

          



Wednesday, March 2, 2016

इंटेलेक्चुअल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट

                       इंटेलेक्चुअल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट 

पड़ोस के शर्मा जी आज शाम नुक्कड़ पर टकरा गए , उनके हाव भाव देखकर हम भी गच्चा खा गए , न जाने क्यों पर कुछ नाक चढ़ा कर वो  यूँ बोले 
" हैल्लो मिस्टर तोमर ,हाउ आरर्  यू ? "
कभी शर्मा जी के मुंह से एक अंग्रेजी का शब्द न सुना  था, आज पूरा शब्दकोष रटकर आये थे , तो लाज़मी है हमारा हतप्रभ रह जाना !
फिर भी हमने खुद को सहेजा और उनसे पूछा  "कुछ अलग ही रंग में नज़र आ रहे हो शर्माजी  , क्या बात है ?" 

"हम इंटेलेक्चुअल हो गये हैं " तपाक से उनका जवाब आया , "देश असहिष्णुता ,कम्यूनलिस्म का शिकार हो  गया है ,'फ्रीडम ऑफ़ स्पीच' को दबाया जा रहा है " 

हम बोले - "पर शर्माजी  आप तो कभी इन सब चीज़ों में 'इंटरेस्टेड '  नहीं थे ? " 

"देखिये तोमर महोदय , हमारा बचपन का सपना था की हम बुद्धिजीवी कहलायें ,सो हमने 'खालिद इंटेलेक्चुअल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट ज्वाइन  कर लिया है , आपने नहीं देखा ? जवाहर नगर की गली नो. 124A  में कन्हैया जी के मंदिर के समीप ही खुला है " 

इसपर हमारी जिज्ञासा बढ़ी , तो हमने पूछा " शर्मा जी ,इंटेलेक्चुअल तो हम भी बनना चाहते हैं, थोड़े टिप्स हमें भी दे दीजिये। 

यह सुनते ही शर्मा जी ने सीना फुलाया और गर्वीली आवाज़ में बोले " तोमर जी , पहले तो आप इंस्टिट्यूट ज्वाइन कीजिये , फिर यह देशभक्ति जैसी खोखली दलीलें अपने दिल से निकालिये , 'फ्रीडम ऑफ़ स्पीच ' ट्रेंडिंग टॉपिक है , सरकार के पक्ष में बोलोगे तो समझदार नहीं , चाटुकार कहलाओगे , और आप तो देश के हज़ार टुकड़े करने वालों का केस भी लड़ सकते हो, वकील जो हो , गिरफ्तार बच्चों की  'हीरो' वाली इमेज बनाने में योगदान दो , जो भी आम जनता की राय हो ,उससे उलट राय रखो , फिर चाहे वो एंटी नेशनल ही क्यों न हो ,आफ्टर आल फ्रीडम ऑफ़ स्पीच है भाई , और हाँ सबसे ज़रूरी बात , थोड़ी अंग्रेजी सीख लो , लेजिटिमेसी मिलती  है यू सी , बस इतना करो , इंटेलेक्चुअल अपने आप कहलाओगे " 


शर्मा जी की  ज्ञान की बातें सुनकर मेरे भी ज्ञान के चक्षु खुल गए , उन्हें राम राम करके घर आया तो रात भर बस यही सोचते हुए करवटें बदलता रहा , के उनकी  बात मानके कैसे ही हिट हो जाऊं , देश भक्ति तो बस गरीबी और आम आदमी बनाती  है , या सरहद पर गोली खिलाती है , मौज तो इंटेलेक्चुअल होने में ही है , सुबह उठते ही इंस्टिट्यूट का फारम लाऊंगा , बस अब किसी तरह  यह देशद्रोही नींद आजाये !!!!