नॉएडा अथॉरिटी की नहीं है कोई जल संचयन नीति
२२ मार्च को विश्व जल संचयन दिवस है , देश के सबसे अग्रज शहरों में से एक होने के नाते नॉएडा में जल संचयन परविशेष ज़ोर होना चाहिए ,किन्तु ग्राम सभा और पंचायत समाप्त करने के बावजूद और शेहेर को भी संचालित करने के बाद भी नॉएडा ऑर्थोरिटी ने कोई भी ऐसी नीति नहीं बनाई है , यह खुलासा हुआ है आर टी आई कार्यकर्ता और दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ता रंजन तोमर ने किआ है , उनकी आर टी आई का जवाब देते हुए नॉएडा के परियोजना अभियंता जल खंड ,वाटर वर्क्स कंपाउंड ,बाह्य संस्था जल आदि विभागों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया के यह पालिसी प्राधिकरण के नियोजन विभाग ने तैयार की थी तथा वह ही इसका जवाब दे सकते हैं , जबकि नियोजन विभाग का जवाब था के यह सूचना जल विभाग से संभंधित है , जिससे यह साफ़ पता चलता है के प्राधिकरण जल संचयन के मामले में कितना गंभीर है और किस प्रकार पृथ्वी को बचाने की कोशिशों में कितना अग्रणी है , समय आगया है के प्राधिकरण एक जल संचयन नीति बनाये और दिन भर में हज़ारो लाखों लीटर जल जो की बिना टूंटी लगे पाइपों से ,भूजल के बेजा इस्तेमाल से , खाली पड़े प्लॉटों में कनेक्शन लेकर पानी खुला छोड़ देने से, और ग्रामीण क्षेत्रों में जल के महत्व की जानकारी न होने से बह जाता है, उसे बचाने में अपना योगदान दे !


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